राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रकाश रतनगढ़ की स्थापना सन 1948 में हुयी थी. वर्तमान में श्री विक्रम सिंह चौहान (प्रधानाचार्य) के नेतृत्व में इस विद्यालय का सञ्चालन हो रहा है. कुल कक्षा-कक्षों की संख्या - 12 है एवं वर्तमान में शैक्षणिक औए गैर शैक्षणिक स्टाफ 14 का है. सत्र 2024-25 में कुल विद्यार्थियों की संख्या 388 है. विद्यालय में शिक्षा के साथ साथ समय समय पर खेल गतिविधिया भी आयोजित होती रहती है.
श्री मदभगवत गीता में कहा गया हैं कि “ न ही ज्ञानेन सदृश पवित्र मिह विद्यते” अर्थार्थ “शिक्षा के समान पवित्र करने वाला संसार में निसंदेह कुछ भी नहीं है “
In this world no purified as great as knowledge.
शिक्षा प्राप्ति से मनुष्य के विकार चले जाते है और सद्गुणों की प्राप्ति होती हैं । शिक्षा वह है जो जीवन की सम्पूर्ण सत्ता के साथ समन्वय स्थापित करती हैं ,वह हमे आत्मसाक्षात्कार एवम आत्माभिव्यक्ति के योग्य बनाती हैं। विद्यार्थी के सर्वांगीण विकास के लिए अध्यापक को पाठ्यक्रम के साथ साथ विद्यार्थी में जीवन मूल्यों की समझ,मर्यादा एवम सामाजिक सरोकार के गुण विकसित करे ।
विद्यार्थी को जिज्ञासु,वैज्ञानिक दृष्टिकोण,संवेदनशीलता,बुद्धि,विवेकशील बनाए ।